*** ढूंढ़ता रहा *** ढूँढता रहा सूखे दरख़्त पे जैसे अम्बियां ढूँढ़ता रहा , वो उम्र भर मुझमें कमियाँ ढूँढ़ता रहा , कभी भी भूल से सच जानना चाहा नहीं उसने... मेरी हर बात में वो बस गलत-फहमियाँ ढूँढ़ता रहा । ✍️ सुमीत सिवाल...
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