😌🙏 *** क्यूँ नहीं होती ? *** 🙏😌
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| क्यूँ नहीं होती ? |
लिखूं जो देखकर, तुझ-सी लिखावट क्यूँ नहीं होती,
कोई रिश्ता हो, अब मुझसे मिलावट क्यूँ नहीं होती,
कभी जिस राह पे हर-पल रहा करती थकन पर अब...
उसी रस्ते पे चलता हूँ, थकावट क्यूँ नहीं होती !
✍️सुमीत सिवाल...


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