*** हर्ष *** हर्ष कम से कम कुछ बरस तो हो, खुद से विचार-विमर्श तो हो, तरस गई अब दरस को आँखें... इस वर्ष इन में कोई हर्ष तो हो। ✍️सुमीत सिवाल
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