*** जिंदगी की राह *** ज़िन्दगी की राह सुकून-ए-ज़िन्दगी बतला हमें सताएगी कब तक ? कितने तूफां हैं राह-ए-मंजिल बताएगी कब तक ? मैं हर बार रस्तों में गिरता हूँ ख़ुद खड़ा हो जाता हूँ... बता मुझ पर ये एहसान भला जतायेगी कब तक ? ✍️सुमीत सिवाल...
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