🐦🐦🐦 परिंदे 🐦🐦🐦 परिंदे 🐦🕊️🐥 दाना चुगने वाले ग़र मेहमान नहीं होंगे,दूर-दूर तक फैले ये आसमान नहीं होंगे,कौन ढूंढेगा ? इनको कोटर, गलियों, दर-ओ-दीवारों में...धरती पर बिखरे पर होंगे, पर इंसान नहीं होंगे ! ✍️सुमीत सिवाल...
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