🚶♂️🏃 लौट आता है...🧘♂️🧎♂️
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| लौट आता है |
जो दिन में ढूंढने निकलूं... अँधेरा लौट आता है,
तुझे ग़र रात में ढूंँढूं... सवेरा लौट आता है,
मैं तपती धूप में थक-हार कर ज़ब बैठता हूँ तो...
ज़ेहन में फिर उमड़कर ख्वाब तेरा लौट आता है !
✍️सुमीत सिवाल...

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