🚶♂️🌧️ बादल 🌧️🧘♂️
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| बादल |
बाहर बादल बरसते हैं... ये अंदर दिल भी रोता है,
उसे पाने की चाहत में, न जाने क्या-क्या खोता है ?
क्यूँ आँखें बंद करते ही नज़र आता है वो चेहरा...
ये ऐसा तब भी होता था... ये ऐसा अब भी होता है !
✍️सुमीत सिवाल...
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