☺️🧘♂️ उसी की है 🧘♂️😌
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| उसी की है |
दुनिया की नेकियों में, सच्चाई उसी की है,
मैं जानता हूँ मुझमें अच्छाई उसी की है !
क्या मेरी हक़ीक़त है, मालूम है धूप को ये,
है मेरा बदन लेकिन, परछाई उसी की है !
उसके ही किनारों के मैं बीच में बहता हूँ,
मैं दरिया तो हूँ लेकिन, गहराई उसी की है !
आती है ना जाती है, मुझ से वो कभी बाहर,
सदियों से जो ठहरी है, तन्हाई उसी की है !
महबूब मेरा जाने, महबूब मेरा माने,
रुसवा जो करे कोई, रुसवाई उसी की है !
क़द मेरा रखा ऊँचा, सर रक्खा बुलंदी पर,
गैरत मेरी जाने है, ऊँचाई उसी की है !
देने हैं बयां मुझको, ये जानता हूँ लेकिन,
उसकी ही अदालत में, सुनवाई उसी की है !
🙏🧘♂️🦚🦜🧘♂️🙏


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