बदल गया माँ...

😌👩 बदल गया माँ 🙍‍♀️😌


बदल गया माँ
बदल गया माँ 


 साँझी धूप मुझसे रखते मुझको भी जलने देते,

कच्ची, पक्की डगर पे सँग-सँग कुछ दिन चलने देते ,

डाँट डपट और लडना झगडना... लाड में ढल गया माँ ! 

सब अभी से बदल गया माँ ॥ 


 वो ही बाहरी द्वार खिडकियाँ तू बदली ना बदली मैं,

दिन भर उथल-पुथल घर करती तेरी बिटिया पगली मैं,

लाड चाव की थी मै कल तक, आज लाड को सहती हूँ,

अपने आँगन के अपनों में मेहमानों सी रहती हूँ,

आते-आते कल आएगा... आज फिसल गया माँ । 

सब अभी से बदल गया माँ ॥ 


 छोटू का तो मुझसे जैसे जनम का बैर पुराना था,

रक्षा बँधन के दिन तक भी मुझे रुला कर माना था,

मेरे हाथों कल उसका मिट्टी का गुल्लक टूट गया ,

मै डरते बोली की जाने कैसे हाथ से छूट गया ?

खूब झगडना था उसको चुपचाप निकल गया माँ । 

सब अभी से बदल गया माँ ॥ 


 मेरे हँसने और गाने पर चिढकर कहती थी दादी,

 ऊँट सरीखी हुई है फिर भी अक्ल अभी तक है आधी,

हुआ उसे क्या अब तो मुझको बिटिया-बिटिया कहती है, 

लाड लडाती हँसती है पर आँखे भीगी रहती हैं,

धागा जलना है बाकी पर मोम पिंघल गया माँ । 

सब अभी से बदल गया माँ ॥ 


 पहले पापा बात-बात पर हाथ है तँग बताते थे ,

मेरी माँगी चीजें कितने-कितने दिन नही लाते थे,

अनचाही बिन माँगी चीजें अब तो घर में आती हैं ,

लेकिन भैया की फरमाईश पापा से छुप जाती हैं ,

भैया को साईकिल दिलवाना फिर से टल गया माँ ।

 सब अभी से बदल गया माँ ॥ 


🙏😌🙏

No comments:

Post a Comment

Please don't enter any spam link in comment box ! 🙏

Popular Posts

About me

My photo
Like Simplicity ☺️ Love Babies. Isht dev - Radhe Krishna

Sumeet Kavyatra

@Sumeet Siwal